Thursday, 26 April 2018, 1:26 AM

धर्म कर्म

आखिर वह क्यों करना चाहती थी महात्मा बुद्घ से विवाह?

Updated on 28 December, 2013, 19:34
बिहार में एक धनाढ्य रहता था। वह अपनी पुत्री मांगदिया का किसी श्रेष्ठ युवक से विवाह करना चाहता था। एक दिन उसने गौतम बुद्ध को देखा, तो प्रभावित होकर अपनी पुत्री से शादी का प्रस्ताव उनके सामने रखा। गौतम ने विनम्रता से उत्तर दिया, मैं संसार त्याग चुका हूं। विवाह कैसे... Read More

यहां किसी को नहीं है धन की जरुरत, क्यों करें लक्ष्मी पूजा

Updated on 28 December, 2013, 19:30
भारत में हर गांव और शहर में देवी लक्ष्मी की पूजा होती है और दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। यहां लक्ष्मी माता की पूजा का त्याग करने की कोई सोच भी नहीं सकता। लेकिन एक गांव ऐसा है जो न तो लक्ष्मी माता को मानता है और न इनकी... Read More

जानिए साल की अंतिम एकादशी क्यों है खास?

Updated on 28 December, 2013, 13:24
आज पौष मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। शास्त्रों में इसे सफला नामक एकादशी कहा गया है। यह एकादशी अपने नाम के अनुसार मनोकामना सफल करने वाली एकादशी है। पुराणों में बताया गया है कि जो व्यक्ति विधिवत रूप से इस एकादशी का व्रत और रात्रि जागरण करता... Read More

राधा-राधा जपा करो, कृष्ण नाम रस पिया करो

Updated on 27 December, 2013, 19:11
आगरा। बल्केश्वर के गंगे गौरी बाग स्थित शिवनगर मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। दूसरे दिन भजन राधा-राधा जपा करो, कृष्ण नाम रस पिया करो. पर भक्त भक्ति में लीन हो गए। मानव कल्याण सेवा संस्थान द्वारा आयोजित भागवत कथा में प्रवचन करते हुए... Read More

धर्मनगरी में बदला नए साल मनाने का अंदाज

Updated on 27 December, 2013, 19:10
हरिद्वार। इस बार नए साल का स्वागत अलग अंदाज में होगा। जश्न के लिए जहां एक ओर होटल से लेकर रेस्टोरेंट तक सजकर तैयार हैं, वहीं लोगों को लुभाने के लिए तरह-तरह की डिशें उतारी जा रही हैं। साथ डीजे और डांस के कार्यक्रम रखे गए हैं। यह कहा जा सकता... Read More

गिरिराज प्रभु ने बिखेरी दिव्य मुस्कान

Updated on 27 December, 2013, 19:08
गोवर्धन। अद्वितीय, अलौकिक, अद्भूत। ये शब्द गिरिराज प्रभु की झांकी को निहारते श्रद्धालुओं के होठों से बरबस ही फूट रहे थे। दिव्य भूमि पर अलौकिक अहसास कराता पुष्पों से सजा फूल बंगला, 1100 थालों में सजे छप्पन भोग, हीरे-माणिक, पन्ना और मोती आदि जवाहरात से सजकर तिरछी चितवन से निहारते... Read More

अंतस के चेतना की यात्रा

Updated on 27 December, 2013, 19:07
अगर आप सबके केंद्र को जानना चाहते हैं, इन सबके विलय और उद्गम को जानना चाहते हैं या अपनी प्रकृति को जानना चाहते हैं तो अपने अंतस की यात्रा करें। ध्यान में डुबकी लगाएं। आपके अंतस में एक क्रांति आएगी, अंतस में ज्वालामुखी फटेगा। आपके अंतर्मन में बाढ़ आएगी। यह क्रमिक... Read More

कोलकाता पहुंची ही नहीं संत कबीर की माला

Updated on 27 December, 2013, 19:06
लखनऊ। वाराणसी के कबीर मठ से चोरी हुई छह सौ वर्ष पुरानी दुर्लभ माला कोलकाता पहुंची ही नहीं थी। पुलिस को चकमा देने के लिए थाई चोर कोलकाता पहुंचे थे और वह सफल भी हुए। पुलिस भी मान रही है कि माला देश से बाहर जा चुकी है लेकिन महत्वपूर्ण... Read More

महावीर ने क्यों कहा, हथियारों से गहरा घाव देता है यह

Updated on 27 December, 2013, 15:34
तीर्थंकर महावीर ने कहा है, कर्म करने में तो सभी स्वतंत्र हैं, किंतु उसका फल भोगने में परतंत्र। सत्कर्म का सुफल स्वतः मिलता है और दुष्कर्म की सजा प्रत्येक को भोगनी पड़ती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को विवेक के साथ ही कर्मों की ओर प्रवृत्त होना चाहिए। अशुभ कर्मों से... Read More

नहीं जानते होंगे हनुमान जी का हुआ था ऐसे विवाह

Updated on 26 December, 2013, 21:14
हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी माना जाता है इसलिए हनुमान जी लंगोट धारण किए हर मंदिर और तस्वीरों में अकेले दिखते हैं। कभी भी अन्य देवताओं की तरह हनुमान जी को पत्नी के साथ नहीं देखा होगा। लेकिन अगर आप हनुमान के साथ उनकी पत्नी को देखना चाहते हैं तो... Read More

ईसा ने कहा, मुझे उपहार में अपने पाप दे दो

Updated on 26 December, 2013, 21:10
संत जेरोम जैसा उपदेश देते थे, वैसा ही आचरण भी करते थे। उनकी कथनी और करनी में कोई भेद नहीं था। वह सादगी, सरलता और सात्विकता की साक्षात मूर्ति थे। जेरोम प्रतिदिन अपने हाथों से किसी-न-किसी असहाय-अनाथ व्यक्ति की सेवा अवश्य करते। इतना करने के बावजूद वह हमेशा कहा करते... Read More

बांकेबिहारी मंदिर में सेवायतों में हुई मारपीट

Updated on 26 December, 2013, 21:08
वृंदावन। ठा. बांकेबिहारी मंदिर में सेवायत अक्सर गड़बड़ियों की वजह बन रहे हैं। बुधवार को अपने यजमानों को दर्शन कराने के विवाद में सेवायतों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। गाली-गलौज और मारपीट से मंदिर परिसर में भगदड़ मच गई। दर्शनार्थियों को काफी परेशानी का सामना पड़ा। मंदिर प्रबंधक पर स्थिति... Read More

गीता साक्षात कल्पवृक्ष

Updated on 26 December, 2013, 21:06
आगरा। राधे-राधे जपे चले आएंगे बिहारी., मेरो प्यारो वृंदावन धाम, जगत में न्यारो वृंदावन धाम. की धुन झूमते श्रद्धालु। मार्ग में बिखरती पीतांबरी छटा और कलश धारण कर चलती महिला श्रद्धालु। बुधवार को बल्केश्वर के गंगे गौरी बाग स्थित शिवनगर मंदिर से श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर निकाली गई कलश यात्रा... Read More

दुनिया भर में धूमधाम से मनाया जा रहा है क्रिसमस पर्व

Updated on 25 December, 2013, 19:38
नई दिल्ली : आज क्रिसमस का पर्व उल्लासपूर्वक दुनिया भर में मनाया जा रहा है। कैथोलिक व क्राइस्ट चर्च में प्रार्थना सभाओं के आयोजन किए गए हैं। जगह-जगह झांकियां सजाई गई हैं। दुनिया के सभी चर्च को रोशनियों से सजाया गया है। मंगलवार मध्यरात्रि दुनियाभर के गिरजाघरों में जिंगल बेल... Read More

क्या भगवान श्री कृष्ण ही जीसस क्राइस्ट थे?

Updated on 25 December, 2013, 18:31
लुईस जेकोलियत ने 1869 ई. में अपनी एक पुस्तक 'द बाईबिल इन इंडिया' में लिखा है कि जीसस क्रिस्ट और भगवान श्री कृष्ण एक थे। लुईस जेकोलियत फ्रांस के एक साहित्यकार और वकील थे। इन्होंने अपनी पुस्तक में कृष्ण और क्राईस्ट का तुलना प्रस्तुत की है। इन्होंने अपनी पुस्तक में यह... Read More

एक सूखी रोटी और एक मछली से जीसस ने किया चमत्कार

Updated on 25 December, 2013, 18:29
चमत्कार की कथा सिर्फ पुराणों में ही नहीं है। दुनिया के दूसरे धर्मों में भी ईश्वर के चमत्कारों की कहानियां हैं। ऐसी ही एक चमत्कार की कहानी ईसा मसीह के बारे प्रचलित है। एक बार ईसा मसीह अपने अनुयायियों के साथ एक कबीले में थे। ईसा जब अनुयायियों के साथ भोजन... Read More

अकबरी चर्च में मना था पहला क्रिसमस

Updated on 25 December, 2013, 17:55
आगरा। क्रिसमस पर्व पर आज जो अकबरी चर्च विद्युत बल्बों से झिलमिला रही है, उसमें शहर का पहला क्रिसमस मनाया गया था। घंटे, घड़ियाल बजा कर प्रभु ईसा मसीह से सभी के कल्याण की कामना की गई थी। आर्मेनिया निवासी ईसाई व्यापारियों से अकबर की मुलाकात लाहौर में हुई थी। इस... Read More

संसार का रहस्य क्या है

Updated on 25 December, 2013, 17:53
संसार अनोखा है, विचित्रताओं और विसंगतियों से परिपूर्ण है। अनेकानेक प्राणी, जीवधारी, जीवांश व जीवाणुओं से युक्त यह संसार विशेषताओं का वृहद स्वरूप है। इस पर चर्चा करने से कई ग्रंथों की रचना हो सकती है, लेकिन मौजूदा संदर्भ में चराचर जगत के उन नियामकों का प्रसंग उठा है कि... Read More

सेंटा और क्रिसमस ट्री के संदेश

Updated on 25 December, 2013, 17:52
सेंटा क्लॉज, क्रिसमस ट्री और झांकियों के बिना क्रिसमस की कल्पना भी नहीं की जाती। ये प्रतीक हमारे लिए संदेश लेकर आते हैं : सेंटा क्लॉज : माना जाता है कि तीसरी सदी में तुर्की में जन्मे संत निकोलस का ही आधुनिक रूप है सेंटा क्लॉज। संत निकोलस गरीबों की मदद... Read More

जगमग हुए चर्च, आज जन्मेंगे यीशु

Updated on 25 December, 2013, 17:50
आगरा/वृंदावन। प्रेम, करुणा और शांति का संदेश देने वाले प्रभु यीशु का जन्म मंगलवार आधी रात को होगा। जिसके लिए गिरजाघरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चर्च परिसर रंगीन रोशनी से झिलमिला रहे हैं, झांकियां सज चुकी हैं। क्रिश्चियन समाज के लिए मंगलवार की रात खुशियां लेकर आएगी। आधी... Read More

सूली पर लटकाए जाने के बाद नहीं मरे थे जीसस क्राइस्ट?

Updated on 25 December, 2013, 9:34
जिसस क्राईस्ट यानी ईसा मसीह के बारे में कहा जाता है कि यहूदियों को ईसा की बढ़ती लोकप्रियता से तकलीफ होने लगी। उन्हें लगने लगा कि ईसा उनसे सत्ता न छीन लें। इसलिए साजिश के तहत इन्हें सूली पर चढ़ा दिया गया। सूली पर चढ़ाए जाने के बाद यह माना गया... Read More

सुबह उठकर सबसे पहले यह काम करें दिन बन जाएगा

Updated on 25 December, 2013, 9:31
सुबह उठते ही स्तोत्र, वंदना और पुण्यश्लोकों के अलावा सत‍्साहित्य यानी परिस्थितियों और समाज के प्रति आस्था और विश्वास जगाने वाली पुस्तकें पढ़ना मनुष्य के आंतरिक जीवन को समृद्ध और शक्तिशाली बनाता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में आने वाली परेशानियों को आसानी से झेल जाते हैं। इसके विपरीत उठते ही कुछ... Read More

महात्मा बुद्ध के सिक्के जारी होने का इंतजार

Updated on 23 December, 2013, 23:00
कुशीनगर। सात वर्ष पहले महात्मा बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्वर्ण जयंती वर्ष 2006 को यादगार बनाने को केंद्र सरकार ने उनके नाम पर पांच व सौ रुपये के सिक्के मुद्रित करने का निर्णय लिया। समिति गठित की गई। राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री और प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री समिति के चेयरमैन बनाए... Read More

दीप पर्व के अंदाज में मनता है यीशु का बर्थ डे

Updated on 23 December, 2013, 22:58
मथुरा। प्रभु यीशु का बर्थ डे यानि क्रिसमस डे मनाने के लिये जनपद में ईसाई समाज के करीब तीन हजार परिवार तैयार हैं। ईसाई समाज अपने इस प्रमुख त्योहार को दीपावली पर्व की तरह मनाता है। घरों और प्रतिष्ठानों की सजावट करने के साथ ही पकवान आदि भी बनाये जाते... Read More

यमुना में अब नहीं विसर्जित की जा सकेंगी मूर्तियां

Updated on 23 December, 2013, 22:57
आगरा। नए साल से यमुना में मूर्तियां विसर्जित नहीं की जा सकेंगी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्थानीय प्रशासन को यमुना में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। हाई कोर्ट ने सभी जिलों से मूर्ति विसर्जन के लिए यमुना की जगह वैकल्पिक स्थान को विकसित करने के बारे में... Read More

प्रभु यीशु का जन्मोत्सव मनाने को मसीही समुदाय बेताब

Updated on 23 December, 2013, 22:54
वाराणसी। क्रिसमस मनाने को मसीही समुदाय बेताब है। रविवार को कई चर्चो में एक से बढ़कर एक कार्यक्रम हुए। सीएनआई तेलियाबाग चर्च में भोजपुरी कैरोल गीत ने लोगों का मन मोह लिया। मुख्य अतिथि ओमकार नाथ व विशिष्ट अतिथि हरेंद्र मसीह थे। प्रतिभागियों ने भोजपुरी में सुनाया-का करबा धनवा जगत में... Read More

निर्मल गंगा को लेकर है चिंता

Updated on 23 December, 2013, 22:53
वाराणसी। यदि आप गंगा को वाकई मां मानते हैं, मोक्षदायिनी मान उन्हें पूजते हैं तो भूलकर भी खिड़किया घाट न जाइएगा। वहां के दृश्य देखकर कलेजा तार-तार हो जाएगा। सैकड़ों एमएलडी सीवेज जल को सीधे उसी प्रदूषित ढंग से गंगा में बहाया जा रहा है। खिड़किया घाट सहित नगवां नाला,... Read More

आखिर हिमाचल के इन मंदिरों में महिलाएं क्यों नहीं प्रवेश करती

Updated on 23 December, 2013, 12:37
हिमाचल प्रदेश में लाहौल के जाहलमा स्थित देवी हिडिंबा और जसरथ व मेलिंग गांव के महादेव मंदिरों के भीतर महिलाएं प्रवेश नहीं करती हैं। सदियों पुरानी मान्यताओं को आज भी लाहौल की महिलाओं ने बरकरार रखा है हालांकि, आज के बदलते दौर में कई लोग इन धार्मिक रीति रिवाजों को नहीं... Read More

तब आप भी राम कृष्ण की तरह नर से नारायण बन सकते हैं

Updated on 23 December, 2013, 10:34
हमारे ऋषि-मुनियों तथा धर्मशास्त्रों ने संकल्प को ऐसा अमोघ साधन बताया है, जिसके बल पर हर क्षेत्र में सफलता पाई जा सकती है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था, दृढ़ संकल्पशील व्यक्ति के शब्दकोश में असंभव शब्द नहीं होता। लक्ष्य की प्राप्ति में साधना का महत्वपूर्ण योगदान होता है। संकल्प जितना... Read More

सम्यक दृष्टिकोण जरूरी

Updated on 23 December, 2013, 9:47
मार्ग दो प्रकार का होता है- लक्ष्यानुबद्ध और लक्ष्य से अप्रतिबद्ध. अप्रतिबद्ध मार्ग कितना ही अच्छा हो, उससे लक्ष्य तक गति नहीं हो सकती. एक व्यक्ति का लक्ष्य है- अर्थार्जन. इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए वह सामायिक स्वीकार कर बैठ जाए, यह मार्ग लक्ष्यानुबद्ध नहीं है. सामायिक बहुत अच्छी साधना... Read More