Thursday, 26 April 2018, 12:56 PM

जीवन मंत्र

चाणक्य नीति:इस विधि से किया गया हर कठिन कार्य भी होता है सहजता से पूर्ण

Updated on 29 April, 2017, 6:41
आचार्य चाणक्य का जन्म करीब 300 ईसा पूर्व में हुआ माना जाता है। महान राजनीतिज्ञ अौर कुटनीतिज्ञ होने के साथ-साथ इन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना व चन्द्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। पाटलिपुत्र से संबंध होने के कारण उसे इन्होंने अपनी कर्मभूमि बनाया। आचार्य चाणक्य एक... Read More

जीवन की समस्याअों से बचने के लिए ध्यान रखें आचार्य चाणक्य की ये बातें

Updated on 17 April, 2017, 0:29
चाणक्य महान विद्वानों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ स्थान रखते हैं। उन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना करके अखण्ड भारत का निर्माण किया था। आचार्य चाणक्य एक बड़े दूरदर्शी विद्वान थे। चाणक्य की नीतियों में उत्तम जीवन का निर्वाह करने के बहुत से रहस्य समाहित हैं, जो आज भी उतने ही कारगर... Read More

भगवान के इशारों को समझें और उनपर विचार कर आगे बढ़ें

Updated on 14 April, 2017, 7:44
सिय राम मय सब जग जानी ; करहु प्रणाम जोरी जुग पानी ! अर्थात सब में राम हैं और हमें उनको हाथ जोड़ कर प्रणाम करना चाहिए! एक दिन तुलसीदास जी अपने गांव की ओर जा रहे थे, कि किसी बच्चे ने आवाज देकर कहा कि महात्मा उधर से मत जाओ। उस तरफ एक... Read More

सक्सेस मंत्र : अच्छा सोचेंगे तो हमेशा अच्छा ही होगा

Updated on 6 April, 2017, 11:22
एक घने जंगल में एक इच्छापूर्ति वृक्ष था, उसके नीचे बैठ कर कोई भी इच्छा करने से वह तुरंत पूरी हो जाती थी। यह बात बहुत कम लोग जानते थे क्योंकि उस घने जंगल में जाने की कोई हिम्मत ही नहीं करता था। एक बार संयोग से एक थका हुआ... Read More

चाणक्य नीति: धर्म और काम के प्रति होता है धनवान व्यक्ति का झुकाव

Updated on 4 April, 2017, 0:47
आचार्य चाणक्य भारतीय इतिहास के महान नामों में से एक है। आचार्य चाणक्य एक बड़े दूरदर्शी विद्वान थे। चाणक्य जैसे बुद्धिमान, रणनीतिज्ञ, चरित्रवान व राष्ट्रहित के प्रति समर्पित भाव वाले व्यक्ति भारत के इतिहास में ढूंढने से भी बहुत कम मिलते हैं। आज भी पूरा विश्व उनके दिखाए मार्ग का... Read More

इन आदतों का करें त्याग, धन अौर सफलता में बनती हैं बाधक

Updated on 3 April, 2017, 2:01
सुखी अौर खुशहाल जीवन के लिए व्यक्ति को मेहनत करने की आवश्यकता होती है। लेकिन कई बार अधिक मेहनत करने के बाद भी व्यक्ति व उसके परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। इसके पीछे व्यक्ति की कुछ ऐसी आदतें हैं जो सफलता में बाधक बनती हैं। शास्त्रों... Read More

ये कहानी पढ़ने के बाद आप भी कहेंगे, ऐसा सिर्फ एक मां ही कर सकती है

Updated on 12 March, 2017, 10:15
एक बार एक सौदागर राजा के महल में 2 बड़ी ही खूबसूरत गायों को लेकर आया। दोनों ही गऊएं दिखने में बिल्कुल एक जैसी थीं। सौदागर राजा से बोला, ‘‘महाराज, इनमें एक मां है और एक बेटी, पर मुझे यह नहीं पता कि मां कौन है और बेटी कौन है... Read More

चाहकर भी अपने खर्चों पर नहीं लगा पा रहे हैं लगाम, तो अपनाएं ये तरीके...

Updated on 1 March, 2017, 1:03
ऐसा कई दफा, कई लोगों के साथ होता है कि वो न चाहते हुए भी लिमिट से ज्यादा पैसे खर्च कर देते हैं. किसी ट्रिप पर या किसी फंक्शन की तैयारियों के दौरान ऐसा अक्सर होता है. उस वक्त भले ही हम दिल की बात मानकर और दुनियादारी का ख्याल... Read More

चाणक्य नीति : सुखी जीवन के लिए इन पर न करें विश्वास

Updated on 23 February, 2017, 2:01
राजनीतिक व अर्थशास्त्र के पितामाह आचार्य चाणक्य ने अपने जीवन से प्राप्त अनुभवों का उल्लेख चाणक्य नीति में किया। जिन पर अमल करने से व्यक्ति खुशहाल जीवन यापन कर सकता है। आचार्य चाणक्य ने जीवन के हर पहलु से संबंधित नीतियों का वर्णन किया है। आचार्य चाणक्य ने यहां ऐसे... Read More

चाणक्य नीति: जीवन में ऐसी भावना से ग्रसित व्यक्ति का होता है अंत निकट

Updated on 2 February, 2017, 1:04
आचार्य चाणक्य का जन्म करीब 300 ईसा पूर्व में हुआ माना जाता है। महान राजनीतिज्ञ अौर कुटनीतिज्ञ होने के साथ-साथ इन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना व चन्द्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। पाटलिपुत्र से संबंध होने के कारण उसे इन्होंने अपनी कर्मभूमि बनाया। आचार्य चाणक्य एक... Read More

किसी स्थान पर निवास करने लिए चाणक्य की ये 5 बातें है उपयुक्त

Updated on 26 January, 2017, 1:03
रोटी कपड़ा और मकान सबसे मूल जरूरतों में से एक हैं। जिसमें से मकान एक बड़ी जरूरत है। घर में सकारात्मक माहौल से परिवार की खुशियां भी डबल हो जाती हैं। इसके लिए जरूरी है कि रहने के लिए घर खरीदते समय और किराए पर लेते समय कई बातों का... Read More

चाणक्य नीति: इन पांच लोगों के बीच से भूलकर भी न निकलें

Updated on 20 January, 2017, 1:03
आचार्य चाणक्य ने जीवन से जुड़ी कुछ बातों को बताया है। जीवन से जुड़ी इन बातों को जानने से जीवन में आने वाली कई परेसानियों को टाला जा सकता है। नीचे दिए गए श्लोक में आचार्य चाणक्य ने ऐसे लोगों के बारे में बताया है जिनके बीच में से होकर... Read More

जब तक मन में हैं ऐसे भाव, उपदेश सुनने का नहीं कोई लाभ

Updated on 17 January, 2017, 9:45
एक भिक्षुक भिक्षा मांगने जाया करते थे। वह जब भी रास्ते में पड़ने वाले एक घर के सामने से गुजरते तो उन्हें एक औरत रोज ही अपनी बहू से झगड़ती मिलती। एक दिन भिक्षुक उसी औरत के घर भिक्षा मांगने पहुंच गए और आवाज लगाई ‘‘भिक्षा दे.. माते.. भिक्षा दे।’’ ––... Read More

चाणक्य नीति: किसी शख्स को परखना है तो ध्यान रखें ये 4 बातें

Updated on 17 January, 2017, 0:22
सही इंसान की परख करना आसान काम नहीं है। दरअसल किसी भी इंसान के बारे में सही जानकारी मिलना काफी मुश्किल है। आचार्य चाणक्य ने इस सवाल का जवाब अपने एक श्लोक में दिया है। उन्होंने श्लोमें चार ऐसी बाते बताई हैं जिनसे हम किसी भी इंसान को परख सकते... Read More

रामायण से समझें, वैवाहिक जीवन में जन्नत जैसा आनंद लेने के लिए क्या करें

Updated on 16 January, 2017, 9:44
शादी महिला-पुरूष के बीच एक धार्मिक संबंध है। जोकि एक इनायत है जिसमें शुद्धता और निर्मलता आधारित होती है। अध्यात्कमिक ही नहीं वैज्ञानिक सत्य है कि महिला और पुरुष एक दूसरे के बिना अधूरे हैं। दोनों का मिलन ही अधूरापन दूर करता है। शादी की नींव कुछ बातों पर टिकी... Read More

जानिए कैसे हुआ लोहड़ी का आरंभ, ये है प्रसिद्ध गीत की कहानी

Updated on 13 January, 2017, 16:27
लोहड़ी का संबंध सुंदरी नामक एक कन्या तथा दुल्ला भट्टी नामक एक डाकू से जोड़ा जाता है। इस संबंध में प्रचलित ऐतिहासिक कथा के अनुसार गंजीबार क्षेत्र में एक ब्राह्मण रहता था जिसकी सुंदरी नामक एक कन्या थी जो अपने नाम की भांति बहुत सुंदर थी। वह इतनी रूपवान थी... Read More

आश्चर्यचकित रह जाएंगे बरगद के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व को जानकर

Updated on 13 January, 2017, 0:40
हिंदू धर्म इतना सहिष्णु माना गया है कि वह प्रकृति तक से कृतज्ञता ज्ञापित करता है। सूर्य, चंद्र, वायु, जल, पृथ्वी जो भी कुछ देता है उसे देवता तुल्य माना गया है। इसी प्रकार कई पौधे-वृक्ष ऐसे हैं जिनका धार्मिक महत्व तो है ही, साथ ही उसका वैज्ञानिक आधार भी... Read More

शास्त्रों से जानें, हमारा देश ‘भारतवर्ष’ के नाम से क्यों जाना जाता है

Updated on 7 January, 2017, 20:29
पुरुवंश में अनेक राजर्षि हुए हैं। राजा दुष्यंत भी इन्हीं के वंशज थे। एक बार राजा दुष्यंत शिकार खेलने निकले तो कण्व ऋषि के आश्रम में पहुंच गए। वहां उन्होंने एक बहुत ही सुंदर कन्या को देखा। राजा दुष्यंत उस सुंदरी को देखकर उस पर अत्यंत मोहित हो गए। उस... Read More

रातों-रात कामयाबी चूमेगी कदम, बस होना चाहिए आप में ये 1 गुण

Updated on 7 January, 2017, 20:26
आज के जमाने में बहुत कम लोगों में ही सच्ची लगन दिखाई देती है। आधुनिक युग में सभी लोग सब कुछ फटाफट चाहते हैं। अक्सर हमें अखबारों, टी.वी. में ऐसी खबरें पढऩे और सुनने को मिलती हैं कि रातों-रात कामयाबी ने कई लोगों के कदम चूमे। ऐसी खबरें देखकर और... Read More

भक्त के बुलाने पर आते हैं भगवान, सिर्फ पहचानने की है देर

Updated on 31 December, 2016, 8:01
एक बार एक तीर्थिक ब्राह्मण नाना तीर्थ भ्रमण करते-करते दैवयोग से श्रीचैतन्य महाप्रभु जी के पिताजी, श्रीजगन्नाथ मिश्रजी के घर आए। वह हमेशा आठ अक्षरों वाले गोपाल मन्त्र से गोपालजी की उपासना करते थे तथा जो भी मिलता उसे गोपालजी को भोग लगाकर ही प्रसाद ग्रहण करते थे।   ब्राह्मण को आया... Read More

ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के होते हैं ये फायदे

Updated on 30 December, 2016, 12:03
हमारे शरीर में समस्त देवी-देवताओं का निवास होता है। शरीर में मौजूद सात चक्र इसकी पुष्टि भी करते हैं। इसलिए हर स्वस्थ मनुष्य को रोज स्नान करना चाहिए। अगर आप सुबह-सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठते है तो आपको सौन्दर्य, बल, विद्या और स्वास्थ्य प्राप्त होता है। सुबह-सुबह नहाने से बीमारियां... Read More

जब भोले बाबा श्रीराम का दर्शन पाने के लिए बनें मदारी, जानें आगे क्या हुआ

Updated on 29 December, 2016, 13:16
श्रीराम का जन्म अयोध्या नगरी में होने के बाद भगवान शंकर उनकी बाल-लीलाओं का दर्शन करने के लिए अयोध्या आते और चले जाते। कभी-कभी अयोध्या में रूक भी जाते। श्रीराम के दर्शनों की अभिलाषा से कभी उन्हें ज्योतिषी तथा कभी भिक्षुक बनना पड़ता। एक बार भोलेनाथ श्रीराम के महल में... Read More

बच्चों को दें ऐसा ज्ञान, नहीं तो जीवन में रहेगा संस्कार और शिष्टाचार का अभाव

Updated on 29 December, 2016, 13:13
टीचर क्लास में बच्चों को पढ़ा रहे थे कि अच्छे संस्कार और शिष्टाचार का जीवन में क्या महत्व है? उदाहरण के लिए उन्होंने एक शीशे का जार लिया और उसमें कुछ गेंद डालने लगे। धीरे-धीरे जार पूरा भर गया। उसके बाद उन्होंने कुछ कंकर मंगवाए और उन्हें भी जार में... Read More

इनको देखने से न केवल इस लोक, परलोक और अगले जन्म में भी भोगना पड़ता है दुख

Updated on 18 December, 2016, 0:04
वेदमार्ग का दसवां पुराण है ब्रह्मवैवर्त पुराण। इस पुराण को चार खण्डों में विभाजित किया गया हैं।  जिसमें श्री कृष्ण की लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। इसके अतिरिक्त इसमें आख्यानों एवं स्तोत्रों का बहुत सुंदर संग्रह है। इस पुराण के अनुसार गलत काम करने से ही पाप... Read More

जानिए, बैल से संबंधित रहस्यमयी बातें जो कम ही लोग जानते हैं

Updated on 15 December, 2016, 19:33
सम्पूर्ण मानव जाति की उत्त्पत्ति का स्रोत एक ही है और सभी उसी एक में मिल जाएंगे अर्थात हमारा आदि और अंत एक ही है। हम सभी के देव और देवी भी एक ही हैं और कुछ पूजनीय जीव भी जैसे कि सर्प, गाय आदि। गाय और गौवंश में कुछ... Read More

नहाने से मिलता है आध्यात्म‍िक लाभ, जानें जबरदस्त फायदे

Updated on 9 December, 2016, 17:19
स्नान यानि शरीर को शुद्ध करने की एक क्रिया, जिसके उपरांत व्यक्ति का तन रोगों से मुक्त रहता है और मन प्रफुल्लित होता है। नहाने के उपरांत चेहरे पर चमक आती है और शरीर पर गजब का विकर्षण सुंदरता में चार चांद लगाता है। प्रतिदिन किए जाने वाले इस कर्म... Read More

निंदकों और आलोचकों से बचने का आसान उपाय

Updated on 2 December, 2016, 21:21
रबींद्र नाथ टैगोर विचारक ही नहीं बल्कि शांत साधक थे। वह भयमुक्त थे। उनका स्वभाव शांत था। वह काफी कम बात किया करते थे। कुछ लोग रबींद्र नाथ टैगोर जी की निंदा करते थे। एक बार शरत बाबू ने टैगोर से कहा, ‘‘मुझे आपकी निंदा सुनी नहीं जाती। आप अपनी... Read More

बापू कहते थे, जब कोई लड़का छेड़े तो उठाएं ये कदम

Updated on 29 November, 2016, 16:12
गुजरात में महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम में लड़कियां भी रहती थीं। एक दिन की बात है कुछ लड़कियां कहीं से लौट रही थीं। रास्ते में कुछ लड़के उनको छेडऩे लगे। लड़कियां इस घटना से घबरा गईं और दौड़ते हुए आश्रम पहुंचीं। उन्होंने सारी घटना का जिक्र बापू से किया। बापू... Read More

प्रणाम करने का है खास तरीका, उठाएं जा सकते हैं ढेरों लाभ

Updated on 29 November, 2016, 16:11
धर्मपरायण भारतीयों की सांस-सांस में शुभ संस्कारों की भावभीनी सुगंध रची-बसी है। ऐसी क्रियाओं में सर्वप्रथम उल्लेखनीय है- प्रणाम। इस छोटी सी क्रिया के प्रयोगजनित प्रणाम अमित और अमिट हैं। जीवन रूपी क्षेत्र में आशीर्वादों का अन्न उगाने का यह बीज मंत्र है। सामाजिक शिष्टाचार एवं पारस्परिक स्नेह संचार की... Read More

संसार में सबसे सुखी बनना चाहते हैं तो पढ़ें ये कहानी

Updated on 26 November, 2016, 0:02
महाभारत में एक प्रसंग आता है, कि एक बार पांच पांडव वन में भटक गये। भटकते-भटकते उन्हें प्यास लगी। ज्यादा थकावट के कारण सभी एक स्थान पर बैठ गए। युधिष्ठिर महाराज जी ने पहले नकुल, फिर सहदेव, फिर अर्जुन और अंत में भीम को भेजा जल की खोज में। जब काफी... Read More