Tuesday, 18 September 2018, 7:24 PM

जीवन मंत्र

भय से भागें नहीं सामना करें कुछ इस तरह

Updated on 22 June, 2015, 18:54
जब हम अपने भय से नजरें चुराते हैं, तो वह हमें और भी डराता है। भय पर विजय पाने के लिए हमें उसकी आंखों में आंखे डालकर देखना होगा। तभी हम दुनिया की खूबसूरती का पूर्णता के साथ अहसास कर सकते हैं।   अधिकतर लोगों का जीवन सुखद और दुखद घटनाओं से... Read More

शांति को बाहर नहीं अंदर महसूस करें

Updated on 19 June, 2015, 9:37
 क्या आप जानते हैं कि मनुष्य किस चीज का बना हुआ है? मनुष्य 6 चीजों से बना है- ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, कार्बन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और नाइट्रोजन! चाहे वह अमेरिकन हो, ऑस्ट्रेलियन या अफ्रीकन हो! सत्तर प्रतिशत आप पानी हैं। पानी से आपको क्या दुश्मनी है? आप दूसरे मनुष्य से दुश्मनी क्यों... Read More

सकारात्मक शक्ति के पीछे छिपे रहस्य का अनछुआ राज

Updated on 17 June, 2015, 12:13
सकारात्मक सोच रखने वाले अच्छे माता-पिता, अच्छे पति-पत्नी और अच्छे अधिकारी साबित होते हैं, जबकि नकारात्मक लोगों की पूरी ऊर्जा लोगों को गलत साबित करने में ही व्यय होती है। हम चाहें, तो अपने व्यक्तित्व को सकारात्मकता की ओर मोड़ सकते हैं। हमारा मन एक कंप्यूटर की तरह काम करता है... Read More

लेखक बनने का मूलमंत्र

Updated on 14 June, 2015, 13:35
एक प्रसिद्ध लेखक के सम्मान में एक कॉलेज के छात्रों ने भोज का आयोजन किया। उस भोज में नगर के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। छात्रों का इतना भव्य आयोजन देखकर लेखक बहुत खुश हुए। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने कहा कि, 'इस कॉलेज के छात्र बहुत उत्साही हैं।... Read More

प्रतिकार से शांति की ओर..

Updated on 14 June, 2015, 10:22
भले ही सर्वोच्च आदर्श अप्रतिकार हो, किंतु यदि हम प्रतिकार नहीं कर सकते, तो उस तक नहीं पहुंच सकते... जब हम ‘अप्रतिकार’ की बात करते हैं, तब हमें यह ध्यानपूर्वक सोच लेना चाहिए कि हममें प्रतिकार की शक्ति है भी या नहीं। शक्तिशाली होते हुए भी यदि हम प्रतिकार न करें,... Read More

महकता रहे जीवन

Updated on 14 June, 2015, 10:20
वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए पति-पत्नी दोनों को थोड़ा सा धीरज रखना होगा और समझदारी से काम लेना होगा... स्थायित्व की धारणा लंबा जीवन साथ गुजार रहे दंपतियों का कहना है कि उन्होंने यह कभी अपेक्षा नहीं की कि उनकी जिंदगी हमेशा खुशनुमा बनी रहे, लेकिन यह अपेक्षा जरूर की... Read More

समस्याओं में छिपा है समाधान खोज कर तो देखिए

Updated on 12 June, 2015, 12:06
एक युवक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत था। वह अपनी जिंदगी से खुश नहीं था। वो हर समस्या से परेशान था और उसी के बारे में सोचता रहता था। एक बार शहर से कुछ दूरी पर महात्मा का काफिला रुका। जब उस युवक को पता चला तो वह भी दर्शन के... Read More

आशा हमारे विश्वास का संबल है

Updated on 8 June, 2015, 12:20
आशावादी बनें, सफल जीवन का संपूर्ण आयाम आशा की उर्वर भूमि पर ही खड़ा होता है। आशा हमारे विश्वास का संबल है। हमारा जीवन स्वयं आशा का प्रतिबिंब है। अपने गुणों पर विश्वास से ही आशा बनी रहती है। आशावादियों के जीवन की कोशिकाएं क्रियात्मक बनी रहती हैं। वस्तुत: कर्म... Read More

प्रेम की खूशबू ही उसका सही परिचय

Updated on 8 June, 2015, 9:21
कहते हैं कि 'जब अन्य चीजों को सीखने के प्रयास खत्म हो जाते हैं वहीं प्रेम प्रकट होता है। आप तभी प्रेम कर सकते हैं जबकि आप आधिपत्य की कोशिश नहीं करते हैं।' जब आपका दिल, दिमाग की चीजों चालाकियों से नहीं भरा होता, तब प्रेम से भरा होता है। एकमात्र... Read More

जब हम ध्यान करते हैं तो ध्यान हमारे भीतर उतरता है

Updated on 8 June, 2015, 9:20
'जब हम ध्यान करते हैं तो अपने भीतर को समझने के प्रयास पर होते हैं। वहां तथ्य नहीं होते बल्कि अनुभव ही होते हैं। वहां खोज नहीं बस एक शांति होती है।' ध्यान, निस्तब्ध और सुनसान मार्ग पर इस तरह उतरता है जैसे पहाड़ियों पर सौम्य वर्षा। यह इसी तरह सहज... Read More

अपना दुख चाहिए या किसी और का?

Updated on 7 June, 2015, 17:21
एक महात्मा को जब उनके श्रद्धालुओं और अनुयायियों ने बहुत तंग किया, तो वे हिमालय पर्वत पर रहने लगे। उन्हें ध्यान के लिए एकांत चाहिए था। मगर उनके बारे में श्रद्धालुओं को पता चल गया। श्रद्धालुओं को यह विश्वास था कि वे उन्हें दुखों और समस्याओं से छुटकारा दिला सकते... Read More

एक सफल और सार्थक जीवन के लिए समझ और समझौता बहुत जरूरी है

Updated on 6 June, 2015, 9:40
एक सफल और सार्थक जीवन के लिए समझ और समझौता बहुत जरूरी है। व्यक्ति यदि समझौता करना नहीं जानता, तो छोटी-छोटी घटनाएं भी विकराल बन जाती हैं। समझौते के बगैर दुनिया में कभी काम नहीं चलता। महायुद्ध होता है, बड़ी-बड़ी लड़ाइयां होती हैं, वहां भी आखिर में समझौते और संधि... Read More

हर आदमी के जीवन में किसी न किसी बात की लगन होती है

Updated on 6 June, 2015, 9:39
हर आदमी के जीवन में किसी न किसी बात की लगन होती है। यह लगन समाज सेवा से लेकर किसी भी प्रकार की हो सकती है। आपने देखा होगा कि कोई पुरानी वस्तुओं का तो कोई सिक्कों का, डाक टिकटों का तो कोई खाने-पीने या नए परिधानों के संग्रह का... Read More

अपने सिर पर आई मौत को भी मात दे सकते हैं

Updated on 2 June, 2015, 11:55
महावीर एक गांव के पास से गुजर रहे थे। उनका शिष्य गोशालक उनके साथ था, जो बाद में उनका विरोधी हो गया। दोनों एक पौधे के पास से गुजर रहे थे। गोशालक ने महावीर से कहा, यह पौधा देखिए। क्या सोचते हैं आप, इसमें फूल लगेंगे या नहीं लगेंगे? महावीर... Read More

हमारे भीतर ही है प्रेरणा

Updated on 1 June, 2015, 13:39
हमारे रोजमर्रा के जीवन में चलने वाले अप्रत्यक्ष संग्राम को किसी हथियार से नहीं, बल्कि अपने भीतर छिपी शक्ति से ही जीता जा सकता है। स्वामी विवेकानंद के इस कथन के मुताबिक जब प्रेरणा अंदर से आएगी, तभी आप अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकेंगे... बच्चा रोज स्कूल के मैदान... Read More

जब 'मन' नहीं होता तब होता है ध्यान

Updated on 31 May, 2015, 8:14
मन के माध्यम से ध्यान तक नहीं पहुंचा जा सकता। ध्यान इस बात का बोध है कि मैं 'मन' नहीं हूं। ध्यान चेतना की विशुद्ध अवस्था है। जहां न विचार होता है, न कोई विषय। साधारणत: हमारी चेतना विचारों से, विषयों से, कामनाओं से आच्छादित रहती है। जैसे कि कोई दर्पण... Read More

यहां छिपा हैं जिंदगी से परेशान लोगों के लिए समाधान

Updated on 29 May, 2015, 8:15
जीवन कई चुनौतियों से भरा है। इनके दबाव से कई मौकों पर लोग टूट जाते हैं। वे महसूस करते हैं कि जितनी समस्याएं सामने हैं उनका वे मुकाबला नहीं कर पाएंगे। कई मर्तबा लोग महसूस करते हैं कि वे दुनिया की सबसे खराब नौकरी या काम कर रहे हैं। कुछ महसूस... Read More

रिश्तों की डोरी में एक धागा मेरा एक तुम्हारा...

Updated on 28 May, 2015, 13:32
वो प्यार ही क्या जो चंद लफ्जों में बंध कर रह जाएं, ऊंच-नीच, जाति-धर्म और जन्म-उम्र से बंध जाएं। प्यार तो है बस मन का मिलना, ये आदत तो हर रंग संग रंग जाएं। ये मोहब्बत चीज क्या है? ये सवाल बार-बार जेहन में उठता है। सोचते-सोचते साल महिने और... Read More

हर सुबह एक नया जीवन, नए मन से इसे जियो

Updated on 24 May, 2015, 8:06
ज़िंदगी में बहुत कुछ ऐसा घटित होता है। जिसके कारण हम काफी परेशान हो जाते हैं। ऐसे में धार्मिक प्रवचन और सकारात्मक विचार ही हमें इन समस्याओं से उबारने में बहुत मदद करते हैं। ऐसे में क्रांतिकारी संत मुनिश्री तरुणसागर के कड़वे प्रवचन बहुत ज्यादा कारक सिद्ध होते हैं। मुनि... Read More

जब पत्नी हो सकती है प्रोफेशनल, तो पति क्यों नहीं हो सकता घरेलू

Updated on 23 May, 2015, 13:11
एक औरत घर, परिवार और बच्चे सब संभालती है। इतने सारे काम करती है पर उफ! तक नहीं करती पता है क्यों? क्योंकि उसके दिमाग में ये बचपन से डाला जाता है कि उसमें बहुत सहनशक्ति है, वो सारे काम कर सकती है और सबसे बड़ी बात जो उसके दिमाग... Read More

क्यों सताता है मौत का डर

Updated on 20 May, 2015, 12:31
मौत अपने साथ भय और दुःख लाती है, और मौत से सामना होने पर, आम तौर पर मानव खुद को असहाय पाता है। क्या बिना डरे मौत का सामना किया जा सकता है? लियेन: मुझे मौत के समय भय की गैरकुदरती प्रक्रिया से डर लगता है क्योंकि आपने कहा था कि आपके... Read More

धैर्य के साथ तलाशें जीवन का आनंद

Updated on 20 May, 2015, 9:13
जीवन एक बड़ा रहस्य है। जीवन को समझना वैसा ही है जैसे गद्य में छुपे पद्य को अनुभूत करना। प्रार्थना जीवन के प्रति हमारा विश्वास जमाने में मदद करती हैं। यह अलौकिक को समझने का दरवाजा है। अलौकिक शक्ति को तर्क के सहारे नहीं समझा जा सकता है उसे तो बस... Read More

परिवार से मिलने वाले संस्कार हमें खूबसूरती से तराशते हैं

Updated on 18 May, 2015, 11:39
जिस तरह एक अनगढ़ पत्थर को शिल्पी सुंदर मूर्ति में बदल देता है, उसी तरह परिवार से मिलने वाले संस्कार हमें खूबसूरती से तराशते हैं। अगर पकड़ लें इसकी मजबूत डोर, तो मिल जाएगा तरक्की का स्थायी ठौर... पतंग उड़ा रहे थे पिता। बेटा उन्हें ध्यान से देख रहा था। पतंग... Read More

आवश्यकता स्वयं को पहचानने की है

Updated on 16 May, 2015, 12:44
 स्वयं से स्वयं की पहचान यानी आंतरिक शक्ति का साक्षात्कार। आंतरिक शक्ति मनुष्य की जीवंत शक्ति होती है, जिसके बल पर वह ऐसे कार्य कर लेता है, जो आश्चर्यजनक होते हैं। यदि मनुष्य दृढ़ निश्चय कर लें तो वह किसी भी काम को आसानी से कर सकता है। सर्वप्रथम आवश्यकता... Read More

हृदय और मन को उन्नत बनाने वाला कार्य ही हमारा कर्तव्य है

Updated on 15 May, 2015, 12:35
कोई भी कार्य करने से पहले यह जानना आवश्यक है कि कर्तव्य क्या है? विभिन्न जातियों में, विभिन्न देशों में इसके संबंध में भिन्न-भिन्न अवधारणाएं हैं। एक व्यक्ति कहता है कि मेरे धर्मग्रंथ में जो लिखा है वही मेरा कर्तव्य है। दूसरा कहता है कि मेरे धर्मग्रंथ में जो लिखा... Read More

जीवन में व्युत्क्रम का सिद्धांत

Updated on 14 May, 2015, 12:16
जब हम विफलता पर चिंतन कर स्वयं में सुधार लाते हैं, तब हम सफलता का वरण करते हैं। व्युत्क्रम का सिद्धांत हमारे जीवन में काम आता है... बहुत छोटी अवस्था से ही कार्ल जैकोबी (कार्ल गुस्ताव जैकब जैकोबी) ने हर विषय पर गहरी पकड़ बना ली थी, लेकिन किशोरवय तक पहुंचते-पहुंचते... Read More

जिंदगी और बता तेरा इरादा क्या है

Updated on 12 May, 2015, 11:58
सफलता पाने के लिए हमें खुद से सही सवाल पूछने होंगे, तभी हम सही उत्तर पा सकेंगे...-संजू, अगर मैं तुम्हें दो रुपये दूं, थोड़ी देर बाद फिर दो रुपये दूं तो तुम्हारी जेब में कितने रुपये होंगे? संजू ने कहा -मैडम जी, पांच रुपये। -बेटा, जब मैं तुम्हें दो रुपये दे रही... Read More

जीवन हमेशा एक-सा नहीं रहता, परिवर्तन को स्वीकारें

Updated on 9 May, 2015, 12:43
जीवन हमेशा एक-सा नहीं रहता। परिवर्तन को स्वीकार कर ही हम अपनी हताशा-निराशा से उबर सकते हैं और समय के साथ चलकर अपने जीवन को सुखमय बना सकते हैं... धनी व्यक्ति को व्यवसाय में बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। उसे लगने लगा कि उसकी जिंदगी में घटाटोप अंधेरा भर गया है। उसके... Read More

हंसी हर जगह है बस हंसने के बहाने ढूंढिए

Updated on 7 May, 2015, 7:03
कन्नड़ लेखक एच. योगनसिंहम् ने महर्षि कर्वे ( भारतरत्न 1958 धोंडो केशव कर्वे) की आत्मकथा 'लुकिंग-बैक' का कन्नड़ में अनुवाद किया था। उनसे सिर्फ पत्र व्यवहार द्वारा ही परिचय था पर महर्षि कर्वे से वह कभी मिले नहीं थे। एक बार जब वे पूना गए तो वे महर्षि कर्वे से भेंट... Read More

मिलेगी कॅरियर में कामयाबी

Updated on 5 May, 2015, 12:28
हम सभी अपने-अपने जीवन में आगे बढऩा चाहते हैं। यदि आप भी अपने कॅरियर में आगे बढऩा चाहती हैं तो अपनी योग्यता व कार्यक्षमता को पहचानें और उनका अपने स्तर से आकलन करें। अपनी शक्ति का आकलन किए बगैर आप आगे नहीं बढ़ सकतीं... कॅरियर काउंसलर रिद्धि सिंह का कहना है... Read More