पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में DNA Report में करीब 4 साल देरी में सरकार पर लगाया भारी जुर्माना

चंडीगढ़
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में DNA Report में करीब 4 साल देरी को राज्य तंत्र की गंभीर विफलता बताते हुए हरियाणा सरकार पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने कहा कि यह देरी न केवल आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए खतरनाक है बल्कि कानून के शासन का भी मजाक उड़ाती है। कोर्ट की यह टिप्पणी उस समय की है जब सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से 19 मई 2025 को जारी की गई कस्टडी सर्टिफिकेट कोर्ट में प्रस्तुत की गई जिसे न्यायालय ने रिकॉर्ड का हिस्सा बना लिया।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्त्ता के वकीलों ने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम 22 सितम्बर 2021 को हुआ था और अगले ही दिन 23 सितम्बर को DNA जांच के लिए नमूने मधुबन स्थित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) भेजे गए थे। कई साल बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। कोर्ट ने देखा कि ट्रायल कोर्ट FSL निदेशक को भी कई बार पत्र लिखे गए। इसके बावजूद भी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।

पत्र में हुआ खुलासा
13 जुलाई 2023 FSL निदेशक ने पानीपत जिला एवं सत्र न्यायाधीश को एक पत्र लिखा गया। जिसमें बताया गया कि FSL डिवीजन में करीब 1700 मामले पेंडिंग हैं और अप्रैल 2023 PCR (polymerase chain reaction) किट्स उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिनकी खरीदने की प्रक्रिया FSL समिति के पास लंबित है।
 
कोर्ट ने बताया राज्य की लापरवाही
इस पत्र में ये भी बताया गया कि PCR किट्स अब उपलब्ध होंगी और संबंधिक मामले की प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन कोर्ट ने इसे राज्य की लापरवाही बताते हुए अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने आदेश दिया कि इसकी निर्णय की कॉपी राज्य गृह सचिव को भेजी जाए ताकि अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार पर एक लाख रूपये का जुर्मान भी लगाया।

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