समर कैंप में तेलुगू सीखेंगे सरकारी स्कूलों के छात्र, शिक्षकों ने क्यों किया विरोध?

चंडीगढ़
पंजाब के सभी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी समर कैंप में तेलुगु भाषा सीखेंगे। प्रदेश के साक्षरता विभाग और शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीआरटी) ने 'भारतीय भाषा समर कैंप' आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। कैंप राज्य भर के सभी सरकारी स्कूलों में 26 मई से 6 जून तक आयोजित किया जाएगा। इसमें छठी से दसवीं कक्षा के छात्र भाग लेंगे।

जिन स्कूलों में 75 से कम छात्र हैं, वे एकल समूह में कैंप का आयोजन करेंगे, जबकि अन्य तीन समूह बना सकते हैं। प्रत्येक में अधिकतम 100 छात्र हो सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को एक नए भारतीय भाषा में बुनियादी संवादात्मक कौशल प्राप्त करने में मदद करना, बहुभाषावाद को बढ़ावा देना और सांस्कृतिक एकता की भावना को मजबूत करना है।

शिक्षकों ने किया विरोध
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ने इसका विरोध किया है। फ्रंट का कहना है कि राज्य के अधिकांश छात्रों की मातृभाषा पंजाबी है, फिर भी नौवीं और दसवीं कक्षा के बहुत से छात्र सामान्य पंजाबी में फेल हो गए हैं। विद्यार्थियों की मातृभाषा पंजाबी में ही स्थिति खराब है।
 
बता दें कि पंजाबी भाषा में पिछड़ रहे छात्रों पर विशेष ध्यान देने के लिए समर्थ मिशन पिछले दो वर्षों से विभिन्न समूहों में कक्षाएं चला रहा है। 11वीं कक्षा तक के कई छात्र अब भी केवल शब्द पढ़ना और लिखना सीख रहे हैं। यानी वे पंजाबी में अपने समकक्षों की तुलना में काफी पीछे हैं।

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