इस बार बेहद कम ठंड के बाद सर्दी की विदाई का महीना कहा जाने वाला मार्च भी लगभग बिना बरसे ही बीत गया

चंडीगढ़
इस बार बेहद कम ठंड के बाद सर्दी की विदाई का महीना कहा जाने वाला मार्च भी लगभग बिना बरसे ही बीत गया। लगभग 13 बरसों में इस बार तीसरी बार ऐसा हुआ कि मार्च के महीने में 10 मिलीमीटर (मिमी) से भी कम बारिश हुई है। यानी 13 साल में इस बार का मार्च तीसरे सबसे सूखे महीने के तौर पर बीत गया। मार्च के महीने में बेहद कम बारिश का नतीजा ये हुआ कि इस बार मार्च के महीने में औसत तापमान भी पिछले 13 बरसों में चौथी बार सबसे ज्यादा रहा।

बारिश न होने और अधिकतम तापमान में बढ़ौतरी से शहर में मार्च के महीने की रातों के मौसम पर भी असर पड़ा। बाकी बरसों में 12 से 13 डिग्री के बीच रहने वाला मार्च के महीने में रात का औसत तापमान इस बार 13 डिग्री से ऊपर ही रहा। मौसम के ये बदले तेवर मार्च महीने के आखिरी दिन सोमवार को भी महसूस हुए। सोमवार को चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा के सभी शहरों में दूसरा सबसे ज्यादा तापमान वाला शहर रहा। हालांकि मौसम विभाग की मानें तो इस उतार चढ़ाव के बावजूद फिलहाल आने वाले दिनों में अचानक तेज गर्मी की चुभन नहीं झेलनी पड़ेगी।

इस बार बेहद कम बारिश के बाद बढ़े हुए अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच पिछले 4 दिनों से शहर का तापमान 30 डिग्री से नीचे आ गया था। पहाड़ों पर बर्फ गिरने के बाद पारा नीचे गिरने के बाद सोमवार को दोबारा ऊपर आया। इसका असर ये रहा कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री तक जा पहुंचा जो पंजाब-हरियाणा के सभी शहरों में दूसरा सबसे ज्यादा है। सिरसा के 35.8 डिग्री तापमान के बाद चंडीगढ़ में ही सबसे ज्यादा तापमान दर्ज हुआ। हालांकि सैक्टर 39 में पारा 32.5 डिग्री रहा।

मार्च के मौसम से जुड़े कुछ तथ्य
मार्च के महीने में अब तक सबसे अधिक तापमान 378 डिग्री 27 मार्च 1971 को था।
मार्च के महीने में आज तक सबसे कम तापमान 4.2 डिग्री 14 मार्च 1973 को रहा।
मार्च के महीने में एक दिन में सबसे ज्यादा 90 मि.मी. बारिश एक मार्च 2007 में हुई है।

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